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| विषय. | पुष्टें |
|---|---|
| भाग पहिला- | |
| भाषाशास्त्राचे सामान्य विवेचन व एकंदर भाषांचे | |
| दिद्गर्शन. | १- ५५ |
| भाग दुसरा- | |
| भाषेची उपपत्ति, व ध्वनि, शब्द, आणि | |
| श्रवणविचार. | ५६-१०० |
| भाग तिसरा- | |
| भाषेचे उगमस्थान. | १०१-१६९ |
| भाग चवथा- | |
| भाषेतील शब्दांची व्युत्पत्ति, त्यांचा इतिहास, | |
| त्यांचे स्थलांतर, व रूपांतर, आणि आर्यनामधेयाचा | |
| चलनी शिक्का. | १७०-१८६ |
| भाग पांचवा- | |
| भाषाशास्त्राच्या संबंधाने आमच्या आर्य पूर्वजांचे | |
| प्राक्कालीन परिश्रम, व पौरस्त्य प्रयत्न. | १८७-२६६ |
| भाग सहावा- | |
| वर्णविचार. | २६७-२९३ |
| भाग सातवा- | |
| लिपिनिरूपण | २९४-३०६ |
| भाग आठवा- | |
| भाषाविषयक पाश्चात्य प्रयत्न. | ३०७-३५१ |
| भाग नववा- | |
| व्युत्पत्ति व अव्युत्पत्तिवाद. | ३५२-३८० |
| भाग दहावा- | |
| शब्दापभ्रंशाचा त्रोटक विचार | ३८१-३८८ |