कविता गजाआडच्या/अनुक्रमणिका
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अनुक्रमणिका
| कविता | |
|---|---|
| १. | उगवाईच्या दारीचा / १९ |
| २. | गंगाजमनी शेला/ २१ |
| ३. | कविता माझ्या...तुझ्या / २३ |
| ४. | फुलताना/ २६ |
| ५. | गझल गजाआडची/ २७ |
| ६. | सजल वसंत /२८ |
| ७. | सुगी /२९ |
| ८. | दूर होई साजणा /३१ |
| ९. | पळस रानी रंगले/३२ |
| १०. | ऋतूसंग झेलले/३३ |
| ११. | ठेव भरून रांजण /३४ |
| १२. | साता जल्माचं दळण /३५ |
| १३. | सये उजेडाची रेघ /३६ |
| १४. | मी एक बाई/३७ |
| १५. | प्रिय /३९ |
| १६. | वळणावर वळताना /४१ |
| १७. | तू नि मी/४२ |
| १८. | कोण दे आमंत्रण ?/४४ |
| १९. | आज.../४५ |
| २०. | सुन्न /४६ |
| २१. | काळ येथे रूंधला/ ४७ |
| २२. | समर्पित जीवने /४८ |
| २३. | गाणे तिच्याच साठी.../४९ |
| २४. | ऑगस्ट १९९५ ची पहाट, बीजिंगच्या दिशेची /५० |
| २५. | भंवरीबाई.../५४ |
| २६. | पाऊस (१)/५६ |
| २७. | पाऊस (२)/५७ |
| २८. | अरे पावसा..पावसा../५८ |
| २९. | संग/ ६० |
| ३०. | खुणविते चन्द्रावळ/ ६२ |
| ३१. | घर/ ६३ |
| ३२. | कोण वाजवी पैंजण / ६४ |
| ३३. | थिजणारी पाने आणि अपंग स्वप्ने/ ६५ |
| ३४. | नवा गणराज/ ६६ |
| ३५. | अशा फुलभेटीसाठी /६७ |
| ३६. | अनामिकेची / ६८ |
| ३७. | उदाहरण /६९ |
| ३८. | मी १९९१, ९४, २००१, ३००० वगैरे/ ७० |
| ३९. | तो पर्यंत/ ७१ |
| ४०. | घडयाळ/ ७३ |
| ४१. | पुन्हा जन्माला येतेय सीता/ ७४ |
| ४२. | चैतन्याचे सैंधवी झाड /७६ |
| ४३. | गझल माझ्या मुक्तीची/ ७९ |
| ४४. | निर्धार/ ८० |
| ४५. | गीत नवे.../ ८२ |
| ४६. | मी वो कोन्या नसीबाची/ ८३ |
शैशव चाहुलीतल्या कविता
| १. | चाहुल/ ८५ |
| २. | छोरी/ ८६ |
| ३. | शोध/ ८७ |
| ४. | चिमणी/ ८८ |
| ५. | चल गाठाया क्षितीज /८९ |
| ६. | संध्या/ ९० |
| ७. | आज.../ ९१ |
| ८. | झिम्मा/ ९२ |
| ९. | ओलसरे वाळुतून / ९३ |