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अनुक्रमणिका :
| विषय | पृष्ठे | |
| १. | विषयप्रवेश | १ ते ८ |
| २. | समाजरचनेत आनुवंशाचे महत्त्व | ९ ते २४ |
| ३. | रक्तसंकर व वृत्तिसंकर | २५ ते ४६ |
| ४. | लोकसंख्येची वाढ व नियमन | ४७ ते ६६ |
| ५. | आधिभौतिक शास्त्रांचे अधिकार | ६७ ते ८८ |
| ६. | संस्कृति आणि प्रगति | ८९ ते १२५ |
| ७. | विवाह संस्थेचे भवितव्य | १२६ ते १४३ |
| ८. | गृहसंस्थेचे नवे स्वरूप | १४४ ते १६२ |
| ९. | अपत्य संगोपन व इतर काही प्रश्न | १६३ ते १७८ |
| (१) स्त्रीचे आर्थिक स्वातंत्र्य | ||
| (२) सगोत्र विवाह | ||
| १०. | पूर्वेचे पश्चिमीकरण | १७९ ते १९७ |