| २३ |
समान नागरी कायदा (स्व. भा. प. जाहीरनामा लेखांक : ५) |
१७९
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| २४ |
समाजवादी संरचना (स्व. भा. प. जाहीरनामा लेखांक : ६) |
१८८
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| २५ |
स्वातंत्र्यलढ्याच्या फौजेची पुनर्बाधणी करताना |
१९१
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| २६ |
खरोखरी स्वातंत्र्याचा जाहीरनामा |
२०४
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| २७ |
बहुजन समाजाला क्रांतीची दुसरी संधी |
२११
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| २८ |
पोशिंद्यांच्या लोकशाहीसाठी स्वतंत्र भारत पक्ष |
२१९
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| २९ |
ग्यानबाचे मतदारांना मार्गदर्शन |
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(लोकसभा निवडणूक २००४) |
२३४
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| ३० |
खुलेपणाचा दरवाजा उघणारे 'अटलजीं'चे बटण |
२४९
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| ३१ |
२००४ निवडणुकीने काय शिकविले? |
२५९
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| ३२ |
देशाच्या स्वातंत्र्यास कोयता-पंजाचा धोका |
२७२
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| ३३ |
निवडणूक धोरणाचा निर्णय लॉटरी तिकीट घेण्यासारखा होत नाही |
२७७
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| ३४ |
होतकरू नव्हे, खचलेल्या मनांचा कौल |
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(म. रा. विधानसभा २००४ निकाल) |
२८८
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| ३५ |
राजकीय भूमिकेचे चक्रव्यूह |
२९३
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| ३६ |
राष्ट्रीय 'रालोआ' आणि राष्ट्र संपवणारी 'संपुआ' |
३०६
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| ३७ |
आता देश वाचविणे फक्त मतदारांच्या हाती |
३२२
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| ३८ |
गरिबांच्या खच्चीकरणाविरुद्ध आचारसंहिता कोणती? |
३३७
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| ३९ |
देशपातळीवरील निकालाचा अर्थ |
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(लोकसभा निवडणूक २००९) |
३४४
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